स्वामी लक्ष्मण यति की षड़यन्त्र के तहत अपहरण तथा हत्या की सी०बी०आई जाँच हेतु मोमबत्ती जलाकर शोक प्रकट किया।

मोमबत्ती जलाकर स्वामी जी की आत्मा की शान्ति के लिए शान्ति पाठ 51 ब्राह्मणों के द्वारा किया गया तथा आज एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्यवाही नही की है इसके खिलाफ मोमबत्ती जलाकर शोक एवं रोष प्रकट किया है।
स्वामी लक्ष्मण यति की योजना के तहत तथा षड़यन्त्र में शामिल प्रतिमानन्द वकील मिश्रा सम्पत्ति के लालच में शामिल अन्य लोगों भी है। सनातन धर्म हिन्दू सभा शाहदरा से उनका विवाद पिछले 40 वर्षों से चल रहा था। उनका भाई भरत जो ट्रस्ट में पुजारी है उससे भी उनका 36 का आंकड़ा था उनके भाई ने उनकी पत्नी राजेश्वरी पर भी शामिल होने का आरोप लगाया था और उनकी हत्या (मृत्यु) की खबर के बाद उनके कागजात की अटैची भी अपने कब्जे की है जिसमें लक्ष्मण यति ने जमीन से जुड़े तथा सारे कागज़ तथा पैसे रखे थे और मन्दिर में उनके कमरों में ताले के ऊपर ताले लगा दिए है। शिव मंदिर का दरवाजा जो उनके निवास से खुलता था उस पर भी ताला लगा दिया है। तथा मन्दिर में एक शिव की मूर्ति को हटवा दिया है और मन्दिर के 15 , 20 रिक्शों को बेच दिया है और उनके साथी एस०एन०पाण्डे तथा अशोक शर्मा जो एक नया ट्रष्ट बनाने की तैयारी में लगे है जबकि स्वामी लक्ष्मण यति के द्वारा बनाया गया ट्रस्ट सन 1973 का है जिसमें वो स्वयम श्री प्राचीन भूतेश्वर शिव मंदिर ट्रस्ट मैन रॉड वेस्ट कान्ति नगर दिल्ली-110051 के अध्यक्ष ट्रस्टी थे। और उस ट्रस्ट में वीर महेन्द्र प्रकाश सिंह यानी मै उपाध्यक्ष ट्रस्टी तथा धर्मपाल गिरी महासचिव/ट्रस्टी तथा पूजा महेंद्रू सचिव ट्रस्टी तथा प्रदीप शर्मा कोषाध्यक्ष ट्रस्टी तथा राजेश्वरी पत्नी स्वामी लक्षमण यति महिला प्रकोष्ठ ट्रस्टी तथा राजकुमार, राकेश, नेत्रपाल, बृज किशोर उर्फ गुड्डू, ट्रस्टी तथा बाल भारत पुजारी है। उन्होंने अपने ट्रस्ट में मंदिर की जमीन के सभी खसरा न० तथा सम्पूर्ण जमीन पर श्री प्राचीन भूतेश्वर शिव मंदिर ट्रस्ट की है और ट्रस्ट में भरत मात्र पुजारी है। हम सबने मिलकर मीटिंग की तथा सभी ट्रस्टी ने मिलकर स्वामी जी के सपनों को साकार करने के लिए खाली जमीन में नीचे पार्किंग तथा दूसरी मंजिल पर वृद्ध आश्रम पुरूष तथा दूसरी मंजिल पर वृद्ध आश्रम महिला तथा तीसरी मंजिल पर संस्कृत विद्यापीठ तथा चौथी मंजिल पर छात्रावास बनेगा। उनका सपना साकार होगा उसके लिए हम सबने शपथ ली है तथा अध्यक्ष की हत्या के पश्चात आचार्य वीर महेन्द्र प्रकाश सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया तथा सभी मिलकर मन्दिर की उन्नति पर कार्य करेंगे। स्वामी की इच्छा के अनुसार प्रयागराज, संगम पर उनके लिए शान्ति पाठ तथा दिनांक 10/1/2023 तथा 11/1/2023 को मोमबत्ती जलाकर शोक प्रकट किया जाएगा तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए संसद का धेराव भी शीध्र किया जाएगा। हमने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री दिल्ली व हरियाणा, CP दिल्ली, डीजीपी हरियाणा, SHO दिल्ली व जींद सबको लिखित दे रखा है। यदि सुनवाई नही हुई तो शीध्र धरना प्रदर्शन जंतर मंतर पर जारी होगा। तथा श्री प्राचीन भूतेश्वर मन्दिर के पूर्व पश्चिम उत्तर दिशा में जो भी गेट है उनपर श्री प्राचीन भूतेश्वर मन्दिर का ही नाम लिखा जाएगा। कुछ शरारती लोग मन्दिर पर अलग नाम लिखने तथा धर्मशाला बनाने की तैयारी में लगे है जो कदापि नही होगा। यदि शरारती तत्वों ने कुछ ऐसा किया तो पुलिस कार्यवाही की जाएगी।
हम ट्रस्टी सब मन्दिर के विकास का कार्य ही करेंगे तथा लक्षमण यति की अपहरण कर हत्या करने में शामिल लोगों को फांसी की सजा दी जाए । शासन प्रशासन कृपया इस मामले को गम्भीरता से संज्ञान में ले ताकि दोषियों की गिरफ्तारी शीध्र की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। ताकि भविष्य में सन्तो की हत्या बन्द हो सके। दिनांक 13-01-2023 से जंतर मंतर पर निरंतर धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

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