केजरीवाल सरकार के विजन, अब दिल्ली में ही छात्रों को मिल रही कोटा जैसी कोचिंग – मनीष सिसोदिया

पूछने गया तो पता चला कि ये कोचिंग बहुत महंगी है| मैं दिल्ली सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूँ कि जिस कोचिंग के लिए मैं बाहर फीस नहीं चूका सकता था वही कोचिंग आज मुझे मेरे स्कूल में फ्री मिल रही है|

एक अन्य छात्र अमन ने साझा करते हुए कहा कि, मुझे 10वीं तक जेईई के बारे में कोई जानकारी नहीं थी| पिताजी एक सिक्यूरिटी गार्ड है तो घर में भी इसके बारे में किसी को ज्यादा जानकारी नहीं थी| लेकिन स्कूल में टीचर्स के सपोर्ट-गाइडेंस और लाइब्रेरी से मिले अच्छे स्टडी मटेरियल की बदौलत मैं इतने अच्छे पर्सेंटाइल के साथ मेंस की परीक्षा पास कर पाया|

गणित में 100 पर्सेंटाइल और कुल मिलाकर 99.98 पर्सेंटाइल लाने वाले सर्वोदय विद्यालय, डॉ. अम्बेडकर नगर सेक्टर V, के छात्र गौरव कुमार, ने कहा, “हम दिन के किसी भी समय शिक्षकों से अपने संदेह पूछ सकते हैं। यहां तक कि अगर हमारे पास जेईई प्रश्नपत्रों के संबंध में कुछ आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न थे, तो हमारे शिक्षकों ने इसे हल करना सुनिश्चित किया।

99.51 पर्सेंटाइल हासिल करने वाली मुस्कान ने कहा, ‘पहले जेईई की परीक्षा देने का मेरा कोई इरादा नहीं था। लेकिन फिजिक्स और गणित में मेरे मार्क्स को देखने के बाद, मेरे क्लास टीचर ने मुझे इसके लिए प्रेरित किया। यह मेरा पहला प्रयास था और मैंने बिना किसी कोचिंग के परीक्षा दी। मेरे लिए स्कूल में टीचर्स से मिला सपोर्ट और सेल्फ-स्टडी जेईई मेंस को क्रैक करने के लिए पर्याप्त थे।”

शुभम गुप्ता, सर्वोदय को-एड विद्यालय, सेक्टर-8, रोहिणी ने कहा, “प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हमारे स्कूल के लाइब्रेरी की हाई-एंड किताबों से मुझे बहुत मदद मिली है| साथ ही हमारे स्कूल में रीडिंग रूम की सुविधा है, जहाँ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राएँ शाम को 8 बजे तक रुक कर पढाई कर सकते हैं। स्कूलों से मुझे जेईई की तैयारी के लिए स्टडी मटेरियल और मुफ्त कोचिंग क्लासेज मिली जिससे मुझे 99.78 पर्सेंटाइल हासिल करने में मदद मिली है।”

छात्रों ने उपमुख्यमंत्री के साथ साझा किया कि, एंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम जैसे पाठ्यक्रम ने भी उन्हें अपनी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी करने में मदद की है। एक छात्र ने साझा किया कि “असफलताओं से पीछे हटना” जो उसने ईएमसी कक्षाओं में सीखा, जिसने उसकी तैयारी के दिनों में सबसे अधिक मदद की है। ईएमसी ने उन्हें विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने और अपनी पूरी क्षमता का एहसास कराने में मदद की है।

ज्ञात हो कि इन 45 छात्रों के अलावा, दिल्ली सरकार के स्कूलों में ऐसे छात्रों की बहुत बड़ी संख्या है जिन्होंने जेईई मेन्स में 90 पर्सेंटाइल से ऊपर अंक प्राप्त किए हैं और जेईई एडवांस के लिए क्वालीफाई कर चुके है

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