दिल्ली को भरपूर साफ पानी देने के लिए सभी यूजीआर पर फ्लो मीटर लगाकर पानी की हर एक बूंद सहेजेगी केजरीवाल सरकार

मनीष सूर्यवंशी (वीर सूर्या टाइम्स) मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीट से निकलने वाले साफ पानी की एक-एक बूंद सहेजने और पानी का उत्पादन बढ़ाने पर गंभीरता पूर्वक काम कर रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में शुक्रवार को मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें सभी यूजीआर पर फ्लो मीटर लगाने का निर्णय लिया गया। सीएम श्री अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी की एक भी बूंद की बर्बादी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्राइमरी और सेकेंडरी यूजीआर तक फ़्लो मीटर लगाया जाए। दिल्ली में जहां भी भू-जल स्तर बेहतर है, वहां इंडस्ट्रीयल आरओ सिस्टम लगाकर लगाकर लोगों के घरों तक साफ और स्वच्छ पानी पहुंचाने का प्रबंध किया जाए। मुख्यमंत्री ने दिल्ली जल बोर्ड को एक महीने के अंदर इंडस्टीªयल आरओ प्लांट के लिए टैंडर करने के निर्देश दिया है। साथ ही, नलकूपों को स्थापित करने में आ रही जमीन संबंधित समस्या के समाधान के लिए 31 मार्च को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।
मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक कर दिल्ली में पानी की बर्बादी को पूरी तरह से रोकने और नलकूप लगाकर पानी का उत्पादन बढ़ाने को लेकर चल रहे प्रोजेक्ट्स समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीट होकर निकाले वाले एक-एक बूंद पानी को बर्बाद होने से बचाने पर विशेष बल दिया। साथ ही दिल्ली भर में लगाए जा रहे नलकूल की वर्तमान स्थिति और जमीन संबंधित मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में दिल्ली के जल मंत्री श्री सौरभ भारद्वाज, मुख्य सचिव, दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ, सिंचाई विभाग समेत अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से प्राइमरी यूजीआर में पानी जाता है और प्राइमरी यूजीआर से सेकेंडरी यूजीआर में पानी जाता है। इसके बाद लोगों के घरों में पानी की आपूर्ति की जाती है। कई जगह वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी को प्राइमरी यूजीआर से आगे जाने वाली पाइप में टैपिंग देकर सीधे इलाकों में पानी की आपूर्ति की जा रही है। वहीं, कई जगहों पर प्राइमरी यूजीआर और सेकेंडरी यूजीआर के बीच पाइप में टैपिंग दी गई है, उससे इलाकों के अंदर पानी दिया गया है।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर टैपिंग के उपर फ्लो मीटर लगाया जाए ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन-किन इलाकों में कितना पानी जा रहा है। यदि कहीं पर पानी बर्बाद हो रहा है तो उसका भी आंकलन लगाया जा सके कि किस जगह पर किस टैपिंग के कारण पानी बर्बाद हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मौजूदा समय में दिल्ली में पानी की जो स्थिति है, उसके अंदर पानी की एक-एक बूंद बचाने और उसका सही इस्तेमाल करने की जरूरत है।

बता दें कि मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कुछ माह पहले आदेश दिया था कि दिल्ली के उन सभी इलाकों में जहां पर भू-जल स्तर उपर है और पानी की गुणवत्ता ठीक है, वहां पर बड़े स्तर पर ट्यूबवेल और रिन्यूवल लगाए जाएं ताकि दिल्ली वालों को पानी की कमी न हो पाए। साथ ही यह भी निर्देश दिए थे कि जिन इलाकों में पानी उपलब्ध है, लेकिन उसमें टीडीएस ज्यादा है और पानी काफी खारा है, वहां पर इंडस्ट्रीयल आरओ लगाकर उस पानी को साफ कर लोगों के घरों में पहुंचाया जाए।

समीक्षा बैठक के दौरान दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि इंडस्ट्रीयल आरओ के लिए टैंडर दिए गए थे, उसमें बिड ज्यादा आई हैं। टैंडर में रिजर्व प्राइस से दोगुनी से अधिक बिड आई हैं। इस कारण दोबारा टैंडर करने की आवश्यकता है। इस पर मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली जल बोर्ड को दोबारा टैंडर करने के लिए एक महीने का समय दिया है। सीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि एक महीने के अंदर दोबारा टैंडर हो जाना चाहिए ताकि जिन इलाकों में वाटर बॉडी और झीलों के पास ट्यूबवेल के जरिए पानी निकाला जा रहा है, उस पानी को साफ करके दिल्ली वालों को दिया जा सके। दिल्ली में स्थित सभी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी की एक भी बूंद की बर्बादी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्राइमरी और सेकेंडरी यूजीआर तक फ़्लो मीटर का इस्तेमाल किया जाए। जहां पर भी भू-जल स्तर बेहतर है, वहां आरओ सिस्टम लगाकर लोगों के घरों तक साफ और स्वच्छ पानी पहुंचाने का प्रबंध किया जाए।

मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों को नलकूपों की स्थापना में आ रही समस्याओं का सामधान करने के लिए संबंधित विभागों से बात करके इसका जल्द से जल्द समाधान निकालने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि काफी नलकूप डीडीए के अधिकार क्षेत्र वाली भूमि पर लगने हैं। डीडीए से बातचीत चल रही है और जल्द इसका समाधान होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड ने सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में नलकूप लगाने के लिए जमीन प्राप्त कर लिया है ओर तेजी से काम शुरू कर दिया है। नलकूपों को स्थापित करने में जमीन संबंधित समस्याओं के निस्तारण को लेकर गंभीर सीएम अरविंद केजरीवाल ने आगामी 31 मार्च को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री ने मंत्री श्री सौरभ भारद्वाज को सभी विभागों के साथ सामंजस्य स्थापित कर इस समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया है। उम्मीद है कि आगामी बैठक में जमीन संबंधित मुद्दा हल कर लिया जाएगा।

वहीं, सीएम श्री अरविंद केजरीवाल ने सभी अधिकारियों को फ्लोमीटर लगाने के साथ ही चल रहे ट्यूबवेल प्रोजेक्ट को दो माह के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया है। सीएम ने अनधिकृत टैपिंग पर अंकुश लगाने के सख्त आदेश दिया है और अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनकी पहचान करने को कहा है। सीएम ने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी नलकूप यूजीआर में प्रवाहित हों, ताकि उनका पानी बर्बाद न हो।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर बताया कि मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने आज दिल्ली जल बोर्ड के साथ एक और महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। जिसमें कुछ अहम फैसले लिए गए। सभी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी की एक भी बूंद की बर्बादी ना हो, जिसके लिए प्राइमरी और सेकेंडरी यूजीआर तक फ़्लो मीटर का इस्तेमाल हो। दिल्ली में जहां-जहां भूजल स्तर बेहतर है, वहां आरओ सिस्टम लगाकर जनता को साफ़ और स्वच्छ पानी देने का प्रबंध किया जाए।

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