वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत पर नवम अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन

मनीष सूर्यवंशी ( वीर सूर्या टाइम्स )
उत्तर पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन स्थित एटीडीसी के तत्वाधान में प्रतिष्ठा युवा संगठन द्वारा नवम अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून थीम वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत पर वन वर्ल्ड, वन हेल्थ के साथ आयोजित किया गया योग कार्यक्रम में 80 से अधिक युवाओं ने प्रतिभागिता करते हुए योग किया कार्यक्रम में एटीडीसी प्रधानाचार्या अमिता कौशल,योग प्रशिक्षक मोहित कुमार, विन्नी प्रवक्ता, गीतांजलि, संदीप कौर, वन्दना, अमनजोत, कोमल, संगठन स्वयं सेवक आराधना यादव एवं सिमरन कार्तिक उपस्थित रहे, मोहित कुमार ने बताया कि योग सामान्य योग प्रोटोकॉल के अनुसार कराया जा रहा हैं, योग करने से शरीर को कई फायदे होते हैं यह आपको फिट रखता है, वहीँ रोज योग करने से कई बीमारियों से निजात भी मिलती है उन्होंने अपना अनुभव भी साझा किया जब गले की बीमारी की वजह से उनको डिप्रेशन का शिकार होना पड़ा था पर होम्योपैथी और योग की वजह से ही बीमारी से पर काबू पाया जा सका योग में एटीडीसी के छात्र छात्रों के साथ प्रतिष्ठा युवा संगठन के स्वयं सेवकों एवं सदस्यों ने भाग लिया मोहित ने बताया कि प्रतिष्ठा युवा संगठन द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कई राज्यों में कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें हजार से अधिक बच्चों, युवाओं व उनके परिवार के सदस्यों ने भाग लिया साथ ही योग प्रोटाकाल के अनुसार योगाभ्यास करवाते हुए योग की विधाओं एवं उनकी बारिकियों से भी अवगत कराया गया जिसमें सभी को आसान व सरल आसन के साथ ताड़ासन, वृक्षासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, वक्रासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, श्वासन, कपालभाति, प्राणयाम, अनुलोम विलोम व योग निद्रा मेडिटेशन की विभिन्न क्रियाए करवाई गई इसके साथ ही योग के लाभ व सही तरीके से न करने के नुकसान की जानकारी भी छात्र छात्रों के साथ युवाओं से साझा की जिससे बच्चों, युवाओं व महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य के लिए समय रहते कदम उठाये जा सके। उन्होंने कहा कि योग न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बल्कि मानसिक सेहत के लिए भी अच्छा होता है योग के महत्व को बताने के लिए और लोगों में इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जाता हैं कार्यक्रम में मुख्य सहयोग एटीडीसी स्टाफ, स्मृति क्रिएटिव आर्ट एंड कल्चर सोशल समिति, संगठन सदस्य अनुराधा शर्मा, आरती कंवर, स्नेहा, शशि, सिमरन, वंदना, स्वयं सेवको कनक, काजल आदि का रहा ।

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