
मनीष सूर्यवंशी (वीर सूर्या टाइम्स)
दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली स्थित स्वामी दयानंद अस्पताल में भारत रत्न एवं संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर अस्पताल परिसर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें डॉक्टरों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही अस्पताल की एडिशनल एमएस पूनम शरीर ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब का योगदान समाज के हर वर्ग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। विशेष रूप से महिलाओं के उत्थान में उनके योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि आज महिलाएं विभिन्न उच्च पदों पर आसीन हैं, जिसमें बाबा साहेब की सोच और प्रयासों की अहम भूमिका है।

कार्यक्रम के दौरान नेत्र विशेषज्ञ डॉ. श्वेता ने कहा कि समाज में शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देना ही बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस मौके पर छात्रों द्वारा बाबा साहेब के जीवन संघर्ष, शिक्षा, सामाजिक आंदोलनों और संविधान निर्माण तक की यात्रा पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसने छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ सशक्त संदेश दिया।
वहीं मंच का संचालन सूरजपाल सिंह ने किया ओर बाबा साहेब के जीवन और विचारों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन समानता, शिक्षा और अधिकारों के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर डॉ. सुनीता कुजुर, डॉ. कल्पना कुमार, डॉ. प्रशांत जैन, डॉ. अमरेंद्र, डॉ. सुरेंद्र बिष्ट, मांगेराम, विनोद कुमार, अखिल बेदी, गौरव कुमार, मनीष पांडे और दीपांशु सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

