वीर सूर्या टाइम्स दिल्ली | करावल नगर
दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित करावल नगर स्थित वीर सावरकर अस्पताल इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। अस्पताल में आवश्यक दवाओं की भारी किल्लत के कारण गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सुबह से शाम तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, लेकिन अंत में उन्हें बिना दवा के ही लौटना पड़ रहा है।
अस्पताल में पर्ची बनवाने से लेकर दवा वितरण काउंटर तक भारी भीड़ देखी जा रही है। मरीजों का कहना है कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाएं काउंटर पर उपलब्ध नहीं होतीं। मजबूर होकर मरीजों को बाहर के निजी मेडिकल स्टोरों से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती हैं, जिससे पहले से आर्थिक संकट झेल रहे परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी रिकॉर्ड में दवाओं की आपूर्ति दिखाई जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। अस्पताल में आने वाली दवाएं आखिर कहां जा रही हैं, इस पर न तो कोई जवाब है और न ही कोई जवाबदेही तय की जा रही है।
वही स्थानीय निवासी मोनिका तोमर ने बताया कि मोहल्ला क्लीनिक बंद किए जाने के बाद हालात और भी बिगड़ गए हैं। पहले आसपास के लोग मोहल्ला क्लीनिक से ही दवाइयां लेकर इलाज करा लेते थे, जिससे अस्पतालों पर भीड़ कम रहती थी। अब मोहल्ला क्लीनिक बंद होने के कारण वीर सावरकर अस्पताल में मरीजों का दबाव कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने सरकार से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।

