दिल्ली की राजनीति में वर्ष 2025 एक बड़े बदलाव के रूप में सामने आया, जब 27 वर्षों बाद भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता में वापसी की और राजधानी को पहली बार महिला मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता का नेतृत्व मिला।
एक वर्ष के भीतर सरकार ने विकास, पारदर्शिता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे कई क्षेत्रों में काम करने का दावा किया है।
इन्हीं अहम मुद्दों पर वीर सूर्या टाइम्स की प्रधान संपादिका पायल गुप्ता, संपादक एम एस सूर्यवंशी मनीष और पत्रिका के राजनीतिक संपादक विकास खतौलिया ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से खास बातचीत की।
प्रस्तुत हैं इस विशेष इंटरव्यू के प्रमुख अंश—
1 — मुख्यमंत्री के रूप में आपका पहला वर्ष पूरा हुआ है। इस एक वर्ष को आप किस दृष्टि से देखती हैं? आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही?
- आज से ठीक एक वर्ष पूर्व, 20 फरवरी 2025 को दिल्ली की जनता ने 27 वर्षों बाद भारतीय जनता पार्टी को एक स्पष्ट जनादेश दिया। यह जनादेश केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि दिल्ली को एक नई दिशा देने का था।
आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प के अनुरूप हमारी सरकार ने “विकसित दिल्ली” बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य प्रारम्भ किया। हमने 365 दिन, 24 घंटे निरंतर काम करने वाली सरकार के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई है।
पिछले वर्षों में दिल्ली का बुनियादी ढांचा कमजोर हो चुका था और व्यवस्थाएँ जर्जर स्थिति में थीं। जनता के प्रचंड जनादेश के बाद हमारी सरकार ने पहले ही दिन से प्राथमिकताएँ तय कीं, प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित की और मिशन मोड में काम शुरू किया।
पिछले एक वर्ष में हर दिन दिल्लीवासियों के जीवन में नई सुविधाएँ जुड़ी हैं। छोटे-छोटे लेकिन मजबूत कदमों के साथ आज दिल्ली एक विकसित राजधानी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि प्रशासनिक पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाना रही है। हमने “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को जमीनी स्तर पर लागू करने का प्रयास किया है।
अगर बात करें पायल जी बेरोजगारी दर 8.1% से घटकर 6.4% हुई
सरकारी स्कूलों के परिणामों में 12% सुधार
स्वास्थ्य सेवाओं में OPD पहुँच में 22% वृद्धि
अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या में 15% विस्तार
ये सभी संकेतक दर्शाते हैं कि दिल्ली में सेवा वितरण और गुणवत्ता—दोनों में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
दिल्ली की प्रमुख चुनौतियाँ—जैसे प्रदूषण, ट्रैफिक और जल संकट पर आपकी सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए?
:- प्रदूषण नियंत्रण के लिए केंद्र के सहयोग से सख्त मॉनिटरिंग, इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा और औद्योगिक उत्सर्जन पर निगरानी बढ़ाई गई। पिछले 1 साल में दिल्ली के कूड़े के पहाड़ छोटे हुए है । भलस्वा, गाजीपुर और ओखला इंपसाइट पर बायो-माइनिंग (66.21 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण) – 61 एकड़ भूमि पुनः प्राप्त हुई। ओखला लैंडफिल साइट पर 8,000 बांस के पौधे लगाए गए। इस वर्ष 54,28,162 पेड़ लगाए गए और स्वदेशी प्रजातियों के 35 लाख पौधों का वृक्षारोपण किया गया और अनेकों कार्य किए गए।
ट्रैफिक प्रबंधन में स्मार्ट सिग्नल सिस्टम और नई सड़क परियोजनाएँ शुरू कीं। तेजी से मॉर्डन इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण हुआ ₹11,000 करोड़ की लागत से बना द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) दिल्ली-एनसीआर में तेज और सुगम कनेक्टिविटी का नया दौर हुआ। जिसका असर हुआ कि सिंधु बॉर्डर से एयरपोर्ट तक का सफ़र लगभग 40 मिनट में संभव हुआ। ट्रेवल टाइम घटा जिससे ट्रैफिक कंजेशन कम हुआ इसी कारण से वाहन प्रदूषण कम हुआ। यह विकास कार्य यहीं तक सीमित नहीं है साउथ दिल्ली को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ₹1,471.14 कटरोड़ की लागत से एमवी रोड पर 6 लेन का एलिवेटेड रोड और दो अंडरपास बनाने की मंजूरी हुई। ₹ 800 करोड़ की लागत से 400 किलोमीटर सड़कों की होगी एंड-टू-एंड कारपेटिंग ।ई-बसों का बेड़ा 300 से बढ़कर 860 हुआ।
जल संकट के समाधान हेतु पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार और वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहन दिया गया। पानी बिल पर लेट पेमेंट सरचार्ज 100 प्रतिशत माफ किए।
3 -पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ दिल्ली: सरकार की रणनीति
मेने बताया है आपको पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ दिल्ली के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने एक व्यापक और बहु-आयामी रणनीति अपनाई है। इसका मुख्य फोकस हरित क्षेत्र बढ़ाने, बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने पर है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाते हुए पहली बार दिल्ली में बायोगैस प्लांट स्थापित किया गया है, जिससे यमुना नदी में प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई ईवी नीति पर काम कर रही है, जिसके तहत वर्ष 2027 तक 95% नए वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी दिशा में 1881 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जा चुकी हैं।
सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन को और अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए ई-बसों की संख्या को वर्तमान 4000 से बढ़ाकर 12000 तक पहुंचाना है।
कुल मिलाकर, हरित विकास, स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक तकनीक के समन्वय से दिल्ली को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
4-कुछ दिनों बाद 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। एक महिला मुख्यमंत्री होते हुए, महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए आपकी सरकार की प्रमुख योजनाएँ क्या रही हैं? क्या कोई विशेष पहल जिस पर आपको विशेष गर्व हो?
— देखिए पायल जी, मनीष जी महिला सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में हमने कई ठोस कदम उठाए हैं।
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कवरेज का व्यापक विस्तार किया गया है। भारत सरकार के सहयोग से दिल्ली पुलिस द्वारा 10 हजार से अधिक अतिरिक्त कैमरे लगाए जा रहे हैं।
इसके साथ ही, महिला हेल्पलाइन को और अधिक सशक्त बनाया गया है तथा कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
पिछली सरकार की लापरवाही के कारण वर्ष 2008 से लगभग 1,80,000 बच्चियों को ‘लाड़ली योजना’ का लाभ नहीं मिल पाया था। हमारी सरकार ने इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करते हुए:
30,000 बच्चियों के खातों में ₹90 करोड़ की राशि जमा कराई है
40,000 अन्य बच्चियों के लिए लगभग ₹100 करोड़ की राशि वितरण प्रक्रिया में है
हमें विशेष गर्व है कि 1 अप्रैल 2026 से ‘लखपति बिटिया योजना’ की शुरुआत की जा रही है, जिसके अंतर्गत दिल्ली में जन्मी प्रत्येक बालिका को ग्रेजुएशन पूर्ण करने पर ₹1 लाख की सीधी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
यह पहल न केवल बेटियों को सशक्त बनाएगी, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।
5-शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आपकी सरकार की प्राथमिकताएँ क्या रहीं? पिछले एक वर्ष में क्या परिवर्तन देखने को मिला?
–हमारी सरकार ने दिल्ली को एक अग्रणी एजुकेशन हब बनाने की दिशा में ठोस और दूरदर्शी कदम उठाए हैं। सबसे पहले, निजी स्कूलों द्वारा फीस में मनमानी बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए Delhi School Education (Fee Transparency) Act 2025 लागू किया गया। इस निर्णय से 18 लाख से अधिक छात्रों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।
शिक्षा को आधुनिक और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए 75 CM-SHRI स्कूल शुरू किए गए हैं। सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, प्रशिक्षित शिक्षक और खेल सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
“रटना नहीं, समझना है” के लक्ष्य के साथ कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए ‘निपुण संकल्प मिशन’ लागू किया गया। इसके अलावा, ‘महामना पंडित मदन मोहन मालवीय विद्या शक्ति मिशन’ के तहत JEE, CLAT और CUET जैसी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग शुरू की गई है, जिसमें बेटियों के लिए 50 सीटें आरक्षित हैं।
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए:
Narela Edu City के लिए ₹1,360 करोड़ की भूमि खरीदी गई
डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्टाइपेंड योजना लागू की गई
3,014 EWS छात्रों को ₹244.27 करोड़ की सहायता
12 कॉलेजों के सुधार हेतु ₹25 करोड़
अंबेडकर विश्वविद्यालय के नए कैंपस का निर्माण जारी
युवाओं के लिए स्टार्टअप, इनोवेशन हब और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किए गए हैं, ताकि वे नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बन सकें। साथ ही, विशेष स्कूलों में श्रवण बाधित विद्यार्थियों के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा आधारित शिक्षा और स्मार्ट बोर्ड की सुविधा दी गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में, सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए आयुष्मान भारत योजना को लागू किया, जिसके तहत अब ₹10 लाख तक का मुफ्त इलाज संभव हुआ है।
अब तक 7 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए गए
2.72 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हुए
370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए (लक्ष्य: 1100)
सस्ती दवाओं के लिए 29 जन-औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां 90% तक कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध हैं।
हमारी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। विभिन्न अस्पतालों में नए IPD ब्लॉक, ट्रॉमा सेंटर, आधुनिक OPD और नवजात शिशु देखभाल यूनिट स्थापित किए गए हैं, जिनमें G B Pant Hospital सहित कई प्रमुख अस्पताल शामिल हैं।
इसके अलावा, 35 सरकारी अस्पतालों में Hospital Information Management System (HIMS) लागू किया गया है और 1 करोड़ से अधिक ABHA ID बनाई जा चुकी हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक डिजिटल, पारदर्शी और सुलभ बनी हैं।
6-दिल्ली की आर्थिक स्थिति और रोजगार सृजन के लिए क्या कदम उठाए गए? उनके क्या परिणाम सामने आए?
❖ हमारी सरकार ने स्टार्टअप और लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए कई नई नीतियाँ लागू की हैं। निवेश को आकर्षित करने हेतु सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम को सरल बनाया गया, जिससे नए उद्योग स्थापित हुए और रोजगार के अवसर बढ़े।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ है:
1200 से अधिक नर्सों की नियुक्ति
4000 से अधिक नए पदों की स्वीकृति
954 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्ति
सभी सरकारी अस्पतालों में फुल-टाइम MD/MS डॉक्टर नियुक्त
इसके अलावा, नर्सिंग इंटर्न्स का स्टाइपेंड बढ़ाकर उन्हें बेहतर आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है।
7 -केंद्र सरकार के साथ तालमेल को आप कैसे देखती हैं? क्या इससे विकास कार्यों में तेजी आई है?
❖ बिल्कुल जब केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच तालमेल मजबूत होता है, तो विकास कार्यों में स्वाभाविक रूप से तेजी आती है। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय के कारण कई महत्वपूर्ण योजनाएँ और फंड दिल्ली को प्राप्त हुए हैं।
वर्तमान समय में “ट्रिपल इंजन सरकार” का लाभ दिल्ली को स्पष्ट रूप से मिल रहा है, जिससे विकास कार्यों को नई गति मिली है।
8: विपक्ष की आलोचनाओं पर क्या कहेंगी?
❖ लोकतंत्र में आलोचना स्वाभाविक है, लेकिन हमारा ध्यान केवल काम पर केंद्रित है। हमने राजनीति से ऊपर उठकर दिल्ली के विकास को प्राथमिकता दी है और जनता हमारे कार्यों से संतुष्ट है।
9: आम नागरिकों से सीधे संवाद और शिकायत निवारण के लिए आपकी सरकार ने कौन-सी नई व्यवस्थाएँ लागू की हैं?
❖ हमने जन-सुनवाई कार्यक्रमों को मजबूत किया है और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल को अधिक प्रभावी बनाया है, जिससे नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
इसके साथ ही, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा बैठकों की व्यवस्था की गई है।
10: आपके नेतृत्व में दिल्ली को “विकसित राजधानी” बनाने की दीर्घकालिक योजना क्या है?
❖ हमारा लक्ष्य दिल्ली को एक स्वच्छ, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त राजधानी बनाना है। इसके लिए स्मार्ट सिटी अवधारणा और सतत विकास (Sustainable Development) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
11: अगले एक वर्ष के लिए आपकी शीर्ष प्राथमिकताएँ क्या होंगी
❖ आने वाले वर्ष में हमारी प्राथमिकताएँ होंगी:
प्रदूषण में ठोस कमी
रोजगार के अधिक अवसर
महिला सुरक्षा को और सशक्त बनाना
12: सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?
❖ सीमित संसाधनों के बावजूद जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना सबसे बड़ी चुनौती थी। लेकिन टीमवर्क और दृढ़ संकल्प के साथ हमने इस चुनौती को अवसर में बदला।
13 – दिल्लीवासियों के लिए वीर सूर्या टाइम्स के माध्यम से क्या संदेश रहेंगा
मैं दिल्ली की जनता को विश्वास दिलाती हूँ कि हमारी सरकार पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य कर रही है। आपका विश्वास और सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। मिलकर हम दिल्ली को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे। सेवा का संकल्प, सुशासन की नीति और विकसित दिल्ली का लक्ष्य ही हमारी प्राथमिकता है
अपनी बहनो को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के इस विशेष अवसर पर मैं सभी महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूँ। महिलाएं हमारे समाज की शक्ति, प्रेरणा और विकास की आधारशिला हैं। हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आइए, हम सभी मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहां हर महिला को सम्मान, समान अवसर और सुरक्षित वातावरण प्राप्त हो।
अंत में वीर सूर्या टाइम्स की टीम को बहुत-बहुत धन्यवाद और हार्दिक शुभकामनाएं

