
मनीष सूर्यवंशी | वीर सूर्या टाइम्स
लोनी। गणपति बैंक्विट हॉल में भारतीय खटीक महासभा का 29वां स्थापना दिवस समारोह बड़े उत्साह और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संत श्री दुर्बल नाथ महाराज और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर की गई।
इस अवसर पर राकेश जौहरी को एक बार फिर सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। सम्मेलन में समाज में फैली कुरीतियों—विशेषकर मृत्यु भोज को समाप्त करने और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।
अतिथियों का स्वागत पटका और पगड़ी पहनाकर किया गया। अपने संबोधन में पुनर्नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश जौहरी ने कहा कि समाज को संगठित और शिक्षित बनाना ही वास्तविक विकास का मार्ग है। उन्होंने अनावश्यक खर्च, दिखावे और मृत्यु भोज जैसी परंपराओं को पूरी तरह त्यागने की अपील की तथा सभी उपस्थित लोगों को मृत्यु भोज समाप्त करने की शपथ दिलाई।
मुख्य अतिथि डॉ. सुरेंद्र मोगा (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त, उत्तराखंड सरकार) ने संगठन को और अधिक मजबूत और सक्रिय करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज के हर सदस्य की सहायता के लिए उनके द्वार हमेशा खुले हैं। युवाओं को उन्होंने सरकारी नौकरियों के साथ अन्य रोजगार अवसरों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
वही महिलाओं की प्रेरणा स्रोत और मैसेज इंडिया रही दीप्ति तितोरिया ने कार्यक्रम में कहा कि खटीक समाज की महिलाएँ शिक्षा और मेहनत के बल पर समाज की दिशा बदल सकती हैं। उन्होंने कहा,“जब महिला पढ़ी-लिखी होगी, तो वह खुद आगे बढ़ेगी और अपने बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल बनाएगी।”
उन्होंने समाज की मर्यादा और संस्कारों को प्राथमिकता देते हुए महिलाओं को अध्ययन और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया।
वही तितोरिया बताया गया कि राजस्थान में खटीक समाज ने मृत्यु भोज लगभग समाप्त कर दिया है, और अब दहेजमुक्त विवाह को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है।
इस अवसर पर देवेंद्र धरिया, पूर्व चेयरमैन राम अवतार राजोरा, पार्षद विनीता सिंह, अश्वनी कुमार, संतोष तोमर, ईश्वर चंद्र बागड़ी, नवरंग चौहान, डॉ. आर.के. गोविल, राजेंद्र खटीक, डॉ. योगेश छलेरिया, सुनील फौजी, कोमल मोगा, नाथीराम पथरिया, अमल खटीक, पवन झलेरिया सहित सैकड़ों समाजजन मौजूद रहे।

