बाबा_साहेब नहीं होते तो एक दलित महिला कलेक्टर नही होती

नई दिल्ली। UPSC सिविल सेवा परीक्षा में टॉप करने वाली आईएएस अधिकारी टीना डाबी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को अपनी सफलता की प्रेरणा बताया है। दलित वर्ग से आने के बावजूद देश की प्रमुख प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक पहुंचने वाली टीना डाबी को अंबेडकरवादी विचारधारा का प्रतीक माना जाता है।
एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में टीना डाबी ने डॉ. अंबेडकर के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि यदि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर नहीं होते, तो आज एक दलित महिला का कलेक्टर जैसे पद तक पहुंचना संभव नहीं होता।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान और डॉ. अंबेडकर द्वारा किए गए सामाजिक सुधारों ने समानता, शिक्षा और अवसरों का ऐसा ढांचा तैयार किया, जिससे महिलाओं और विशेष रूप से दलित वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिला।
टीना डाबी ने अंबेडकर के योगदान को अतुलनीय बताते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए सामाजिक बदलावों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उनका यह बयान सामाजिक समानता और प्रेरणा का संदेश देने वाला माना जा रहा है।
— चंद्र प्रकाश
(सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म)

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