
अंकित गर्ग ( वीर सूर्या टाइम्स )
गाजियाबाद नगर निगम के कुटी, भोपुरा, साहिबाबाद स्थित शहीद विजय सिंह पथिक सरस्वती विद्या मंदिर में 77वां गणतंत्र दिवस कार्यक्रम पूरे हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मोहन नगर, गाजियाबाद नगर निगम के जोनल प्रभारी सुशील प्रताप सिंह ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी।
इस अवसर पर पूर्व पार्षद बाबू सिंह आर्या, वर्तमान पार्षद ओमपाल सिंह भाटी, दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल के वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डॉ. धनंजय कुमार, वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी सत्येंद्र सिंह, अधिवक्ता पूजा भदौरिया, समाजसेवी धर्मेंद्र गौतम, श्रीनिवास गौतम, माया नारायण मेमोरियल ट्रस्ट के सुनील कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्राएं एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।
विद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने बताया कि नगर निगम के सहयोग से छात्राओं के लिए 20 कंप्यूटरों की व्यवस्था की गई है। साथ ही छात्राओं द्वारा कबाड़ से उपयोगी सामग्री तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर छात्राओं ने ऑपरेशन सिंदूर को सांस्कृतिक रूप में प्रस्तुत किया तथा अनेक देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
जोनल प्रभारी सुशील प्रताप सिंह ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए अच्छी शिक्षा और अनुशासन अपनाने का संदेश दिया तथा विद्यालय के विकास हेतु नगर निगम की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. धनंजय कुमार ने सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से विद्यालय की छात्राओं के लिए समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाने और हरसंभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने का भरोसा दिलाया।
स्थानीय पार्षद ओमपाल सिंह भाटी ने कहा कि वे विद्यालय के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं तथा शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए निगम के अधिकारियों से संपर्क में हैं।
माया नारायण मेमोरियल ट्रस्ट, दिल्ली के प्रबंधक सुनील कुमार ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा विद्यालय में नियमित रूप से निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाते हैं तथा ट्रस्ट द्वारा संचालित नारायण हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, डिफेंस कॉलोनी में छात्रों को 24 घंटे निःशुल्क चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।
समाजसेवी धर्मेंद्र गौतम एवं श्रीनिवास गौतम ने बताया कि इस कन्या विद्यालय की स्थापना तत्कालीन पार्षद बाबू सिंह आर्या के प्रयासों से हुई थी। लंबे समय तक सरकारी उपेक्षा का शिकार रहे इस विद्यालय के विकास के लिए अब सभी मिलकर प्रयास कर रहे हैं।

