

नई दिल्ली। मनीष कुमार सूर्यवंशी ( वीर सूर्या टाइम्स)
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुओं पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया है। शिक्षा से जुड़ी किताबें, कॉपियाँ और अन्य अध्ययन सामग्री को पूरी तरह जीएसटी-मुक्त (0%) कर दिया गया है।
हालांकि, इस राहत से स्कूल बैग अब तक बाहर हैं। बैग पर पहले की तरह 18% जीएसटी लागू है, जिससे बैग बनाने वाले कारीगर और कारोबारी नाराज़ हैं।
बैग उद्योग से जुड़े उद्यमी उदयवीर सिंह ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है,
“बैग भी शिक्षा से सीधे जुड़ा हुआ उत्पाद है। ₹100 से ₹500 तक के बैग पर 18% जीएसटी देना छात्रों और अभिभावकों के लिए बोझ है। सरकार को बैग को भी शिक्षा सामग्री की श्रेणी में रखकर जीएसटी कम करना चाहिए।”
बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बैग पर कर में राहत मिलती है तो यह न सिर्फ़ छात्रों और अभिभावकों को आर्थिक सहूलियत देगा बल्कि इस क्षेत्र के छोटे-छोटे कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सामाजिक व शैक्षणिक संगठनों ने भी बैग पर जीएसटी घटाने की माँग तेज़ कर दी है।
