‘संविधान बचाओ रैली’ की तैयारियाँ तेज़ – रजनी सूर्यवंशी

मनीष सूर्यवंशी – नई दिल्ली। आगामी 30 नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली ‘संविधान बचाओ रैली’ को लेकर करावल नगर, शिव विहार और उत्तर–पूर्वी दिल्ली में तैयारियाँ चरम पर हैं। स्थानीय नेतृत्व की अगुवाई में लगातार बैठकों, मोहल्ला स्तर के दौरे और बूथ इकाइयों की सक्रियता से क्षेत्र में रैली को लेकर माहौल बेहद उत्साहित नजर आ रहा है।

स्थानीय संयोजक ओंमकार सिंह ने बताया कि करावल नगर में सभी सामाजिक कार्यकर्ता, युवा टीमें और वरिष्ठ पदाधिकारी मिलकर रैली को सफल बनाने के लिए लगातार मैदान में जुटे हुए हैं। टीमों का मोहल्लों और बूथों में डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चल रहा है, जिसमें लोगों का बेहद सकारात्मक और उत्साहित रेस्पॉन्स मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार बैठकों का दौर जारी है और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियाँ बूथ स्तर पर बांट दी गई हैं। हर बूथ टीम को घर–घर जाकर लोगों को जागरूक करने, रैली की जानकारी देने और बसों व वाहनों की व्यवस्था का समन्वय करने की जिम्मेदारी दी गई है।

वही पूर्व निगम पार्षद प्रत्याशी रही रजनी सूर्यवंशी ने बताया कि रैली स्थल रामलीला मैदान तक पहुँचने के लिए करावल नगर और आसपास के इलाकों से बसों और निजी वाहनों की व्यापक व्यवस्था की जा रही है ताकि अधिकतम लोग आसानी से रैली में शामिल हो सकें।
उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद डॉ. उदित राज लगातार दिल्ली के विभिन्न इलाकों में बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं। “उनका नेतृत्व बेहद प्रेरणादायक है और उनके अनुभव का लाभ पूरी टीम को मिल रहा है,

क्षेत्र के लोगों में रैली को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। संविधान, अधिकार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर युवा, महिलाएँ, वरिष्ठ नागरिक—सभी के बीच जागरूकता बढ़ी है, और लोग बड़ी संख्या में 30 नवंबर को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी कर रहे हैं।

रजनी सूर्यवंशी नें बताया यह रैली सिर्फ एक विरोध कार्यक्रम नहीं बल्कि जन–एकजुटता, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह रैली आने वाले समय में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की भूमिका निभाएगी।

अंत में उन्होंने क्षेत्र के सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और नागरिकों से अपील की कि वे 30 नवंबर को बड़े पैमाने पर रैली में शामिल होकर संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के इस अभियान को मजबूत करें।

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