संविधान बचाओ रैली” की अनुमति रद्द, डॉ. उदित राज बोले—बहुजनों की आवाज़ दबाई जा रही -आंदोलनकारी पहुंचे अंबेडकर भवन झांसी रोड दिल्ली 10 बजे

मनीष सूर्यवंशी (वीर सूर्या टाइम्स )
नई दिल्ली। डोमा परिसंघ के राष्ट्रीय चेयरमैन और पूर्व सांसद डॉ. उदित राज ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि 30 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित “संविधान और वोट बचाओ” रैली को बीजेपी के दबाव में रद्द किया गया। उन्होंने कहा कि रैली के लिए 4 जुलाई 2025 से ही आवेदन किया गया था, लेकिन आख़िरी समय में अनुमति वापस ले ली गई।

डॉ. उदित राज ने बताया कि काशी क्षेत्र बीजेपी लीगल सेल के कोऑर्डिनेटर शशांक शेखर त्रिपाठी की शिकायत के आधार पर रैली की एनओसी रद्द की गई। शिकायत में कहा गया था कि “महारैली-वोट हमारा अधिकार हमारा” कार्यक्रम से समाज में तनाव पैदा हो सकता है, भड़काऊ संदेश जा सकता है और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस वार्ड में रामलीला मैदान स्थित है वहां कोई चुनाव नहीं है, फिर भी मॉडल आचार संहिता का हवाला दिया गया।

दिल्ली पुलिस ने भारी भीड़ जुटने की आशंका को अनुमति न देने का कारण बताया। डॉ. उदित राज ने कहा कि देशभर से लाखों लोगों के आने की संभावना थी। “आईबी के पास सभी सूचनाएँ थीं और बाहर से आने वाले लोगों को रेलवे स्टेशन पर ही रोकने की तैयारी दिख रही थी,” उन्होंने कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि डोमा परिसंघ एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है, इसलिए कानून व्यवस्था का सम्मान करते हुए रैली को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। अब कार्यक्रम को बदलकर अंबेडकर भवन, रानी झाँसी रोड में संविधान बचाने की शपथ तक सीमित कर दिया गया है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि भविष्य में बड़ी रैली ज़रूर आयोजित की जाएगी।

डॉ. उदित राज ने आरोप लगाया कि रामलीला मैदान में रैली न होने देना इस बात का संकेत है कि बहुजन समाज को अपनी आवाज़ उठाने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि डोमा परिसंघ हमेशा से शांतिपूर्ण और गैर-राजनीतिक तरीके से अपने कार्यक्रम करता आया है और आगे भी संविधान बचाने के अभियान को जारी रखेगा।

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