नहर कटने से खेत डूबे, किसानों की 200 बीघा फसल चौपट—विभाग पर सवाल

अंकित गर्ग (वीर सूर्या टाइम्स )
खुर्जा डिवीजन के अंतर्गत आने वाली नहरों में पानी चलने के दौरान नहर कटने की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एक बार फिर मादक माइनर कट जाने से क्षेत्र के किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। जिन फसलों को किसान बड़ी उम्मीदों के साथ देख-रेख कर रहे थे, वे सिंचाई विभाग की भारी लापरवाही के कारण नष्ट हो गईं।
किसानों का कहना है कि लगभग 200 बीघा फसल इसकी चपेट में आकर बर्बाद हो गई है।

पिछले दो दिनों से लगातार नहर कटने का सिलसिला जारी है। जिसके कारण आसपास के खेतों में पानी भर गया है।

खेड़िया और खेड़िया का चोपड़ा गांव के किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नहर की बर्डर (किनारों) की समय पर सफाई और मरम्मत नहीं की गई, जिसके कारण अतिरिक्त पानी के दबाव में नहर कट गई। उनका कहना है कि इस माइनर की शिकायत कई बार अधिकारियों को की गई थी, लेकिन विभाग द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।

पूर्व प्रधान नत्थी सिंह, बच्चों सिंह काका, तथा किसान राजेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, राधा चरण सिंह, ओमप्रकाश, मनवीर सिंह, हरगुन (सूबेदार), रामकिशन (हवलदार) सहित कई किसानों की फसलें पूरी तरह जलमग्न होकर नष्ट हो चुकी हैं।

किसानों ने बताया कि बीते गुरुवार को भी नहर कट गई थी, जिसकी शिकायत तुरंत सिंचाई विभाग को दी गई थी। इसके बावजूद विभाग की लापरवाही के चलते शिकायतों को अनदेखा कर दिया गया और फिर अचानक ज्यादा पानी छोड़ दिया गया, जिससे रातभर में खेत डूब गए और फसलें पूरी तरह चौपट हो गईं।

ग्रामीण किसानों ने चेतावनी दी है कि
“यदि हमारी समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो हम धरना–प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

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