मनीष सूर्यवंशी( वीर सूर्या टाइम्स )
नई दिल्ली। शाहदरा चौक स्थित यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट के कार्यालय के सामने शुक्रवार को बाबरी विध्वंस की 33वीं वर्षगांठ को संगठन ने ‘हिन्दू एकजुटता संकल्प दिवस’ के रूप में मनाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, संतों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने कहा कि 6 दिसंबर भारतीय समाज में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तारीख के रूप में देखा जाता है। उन्होंने दावा किया कि इस दिन को कई लोग सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में मानते हैं।
उन्होंने श्रीराम मंदिर निर्माण को देश के सांस्कृतिक गौरव से जोड़ते हुए कहा कि इससे विश्व स्तर पर भारत की सांस्कृतिक पहचान मजबूत हुई है। गोयल ने युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है, और राष्ट्र निर्माण में युवाओं का योगदान अत्यंत आवश्यक है।
वही अपने संबोधन में गोयल ने युवाओं से आग्रह किया कि वे सामाजिक कट्टरता, फूट और गलत जानकारी से दूर रहकर देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में सकारात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती वैचारिक भ्रम और गलत दिशा में भटकाने वाली गतिविधियों से युवा पीढ़ी को सावधान रहने की जरूरत है।
उन्होंने इतिहास में विभिन्न महापुरुषों और वीर बालकों के योगदान का उल्लेख करते हुए युवाओं को प्रेरित होने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में अनेकों संत, समाजसेवी और स्थानीय हस्तियां मौजूद रहीं। उन्होंने सामाजिक एकता, शांति, सद्भाव और सकारात्मक राष्ट्रनिर्माण पर अपने विचार साझा किए। उपस्थित संतों ने युवाओं को नैतिक मूल्यों व कर्तव्यबोध के साथ देश सेवा की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य नागरिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सहभोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

