मनीष सूर्यवंशी | वीर सूर्या टाइम्स
नई दिल्ली।
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे और 14 वर्षीय क्रिकेट सनसनी वैभव सूर्यवंशी को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025’ से सम्मानित किया गया। देश के सर्वोच्च बाल सम्मान के अंतर्गत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वैभव सूर्यवंशी को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।
कम उम्र में क्रिकेट के क्षेत्र में असाधारण प्रतिभा, निरंतर मेहनत और अनुशासन के दम पर वैभव सूर्यवंशी ने देशभर के खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उनके शानदार प्रदर्शन और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि देश की प्रगति में बच्चों और युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वैभव जैसे प्रतिभाशाली बच्चे न केवल खेल के माध्यम से देश का नाम रोशन करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनते हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री, खेल जगत से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां, वरिष्ठ अधिकारी और पुरस्कार विजेताओं के परिजन उपस्थित रहे। पूरे समारोह का माहौल उत्साह, गर्व और प्रेरणा से भरा हुआ रहा।
सोशल मीडिया पर जाति को लेकर अनावश्यक बहस
पुरस्कार मिलने के बाद जहां एक ओर वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा और उपलब्धियों की जमकर सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा उनकी जाति को लेकर अनावश्यक चर्चाएं शुरू कर दी गई हैं। यह जरूर सामने आया है कि वैभव सूर्यवंशी बिहार से ताल्लुक रखते हैं और उनके पिता भी खिलाड़ी रह चुके हैं, लेकिन उनकी जाति को लेकर किसी प्रकार की कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
विशेषज्ञों और जानकारों का स्पष्ट मत है कि किसी नाबालिग की जाति को सार्वजनिक रूप से खोजना या प्रचारित करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि कानूनी रूप से भी अनुचित माना जाता है। उनका कहना है कि खेल और प्रतिभा को जाति से जोड़ना समाज के लिए नुकसानदायक है।
वीर सूर्या टाइम्स यह स्पष्ट करता है कि वह किसी भी प्रकार की जाति या धर्म आधारित पुष्टि या प्रचार का समर्थन नहीं करता। हमारा उद्देश्य जाति-धर्म से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद, प्रतिभा और सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देना है।
वैभव सूर्यवंशी की असली पहचान उनकी क्रिकेट प्रतिभा, कड़ी मेहनत और देश के लिए भविष्य की उम्मीदों से है। आने वाले वर्षों में उनसे भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्मीद की जा रही है।

