
पायल गुप्ता ( वीर सूर्या टाइम्स)
नई दिल्ली, भारत की प्रथम महिला आईपीएस अधिकारी, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व Kiran Bedi ने बुधवार को मानव सेवा के क्षेत्र में कार्यरत Humanify Foundation द्वारा संचालित आनंदम वृद्धाश्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम में रह रहे 20 से अधिक बुजुर्गों के साथ आत्मीय समय बिताया और उन्हें सकारात्मक सोच, आध्यात्मिकता तथा आत्मबल के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी।
आनंदम वृद्धाश्रम में आयोजित यह विशेष कार्यक्रम भावनाओं, अपनत्व, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रेरणा से भरपूर रहा। बुजुर्गों ने डॉ. किरण बेदी से खुलकर संवाद किया और अपने अनुभव साझा किए। कई बुजुर्ग भावुक हो उठे तथा उन्होंने कहा कि डॉ. बेदी की उपस्थिति ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत, सम्मानित और आशावान महसूस कराया।
बुजुर्गों को संबोधित करते हुए डॉ. किरण बेदी ने कहा कि जीवन में कठिन परिस्थितियां सभी के सामने आती हैं, लेकिन हर व्यक्ति के पास यह विकल्प होता है कि वह नकारात्मकता को अपनाकर दुखी रहे या सकारात्मक सोच के साथ जीवन को खुशहाल बनाए। उन्होंने ध्यान, प्रार्थना और आध्यात्मिकता को मानसिक शांति एवं आंतरिक शक्ति का सबसे बड़ा माध्यम बताया।
उन्होंने कहा,
“जीवन में हमेशा दो रास्ते होते हैं।
एक रास्ता नकारात्मकता और दुख की ओर जाता है, जबकि दूसरा सकारात्मकता, शांति और उम्मीद की ओर।
यदि हम अपने भीतर आध्यात्मिक शक्ति विकसित करें, ध्यान और प्रार्थना को अपनाएं, तो जीवन की कठिनाइयों का सामना आसानी से कर सकते हैं।”
डॉ. बेदी के प्रेरणादायी शब्दों ने वहां मौजूद सभी बुजुर्गों के दिलों को छू लिया। कई बुजुर्गों ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि लंबे समय बाद किसी ने उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया है।
इस अवसर पर Humanify Foundation एवं आनंदम वृद्धाश्रम के संस्थापक एवं अध्यक्ष निरज गेरा ने कहा कि डॉ. किरण बेदी की उपस्थिति आश्रम के बुजुर्गों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी और भावनात्मक रूप से सशक्त करने वाली रही। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल बुजुर्गों को भोजन और आश्रय देना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, अपनापन, भावनात्मक सहारा और खुशहाल वातावरण प्रदान करना है।

उन्होंने कहा,
“आनंदम वृद्धाश्रम में हमारा प्रयास है कि हर बुजुर्ग स्वयं को अकेला नहीं बल्कि परिवार का हिस्सा महसूस करे।
हम चाहते हैं कि यह देश के सबसे खुशहाल नि:शुल्क वृद्धाश्रमों में शामिल हो, जहां बुजुर्गों को सम्मान, प्रेम और आत्मीयता के साथ जीवन जीने का अवसर मिले।”
कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों एवं संस्था के सदस्यों के बीच आत्मीय संवाद, केक कटिंग, आशीर्वाद, आध्यात्मिक चर्चा और कई भावुक क्षण देखने को मिले। पूरा वातावरण परिवार, प्रेम और सकारात्मकता की भावना से सराबोर दिखाई दिया।
आनंदम वृद्धाश्रम वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के जरूरतमंद, अकेले एवं परित्यक्त बुजुर्गों को नि:शुल्क आश्रय, भोजन, चिकित्सा सहयोग, भावनात्मक समर्थन और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध करा रहा है। संस्था ध्यान, सामुदायिक सहभागिता, उत्सवों और मानवीय सेवा के माध्यम से बुजुर्गों के जीवन में नई उम्मीद और मुस्कान लाने का कार्य कर रही है।
यह कार्यक्रम समाज को यह संदेश देता है कि बुजुर्गों की देखभाल केवल उनकी शारीरिक जरूरतों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें प्रेम, सम्मान, भावनात्मक सुरक्षा और आध्यात्मिक शक्ति भी मिलनी चाहिए।
