नरेंद्र सिंह (वीर सूर्या टाइम्स)
नई दिल्ली, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Devender Yadav ने राजधानी में पड़ रही भीषण गर्मी को लेकर दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 46 डिग्री से अधिक तापमान में जनता को राहत देने के लिए बनाया गया हीट वेव एक्शन प्लान पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की घोषणाएं केवल कागज़ों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को किसी प्रकार की राहत नहीं मिल रही।
देवेंद्र यादव ने कहा कि खुले में काम करने वाले निर्माण श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले और फील्ड में कार्यरत लोग तेज गर्मी और लू के थपेड़ों में अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार ऐसे श्रमिकों को आर्थिक सहायता, मुआवजा और मुफ्त राशन उपलब्ध कराए, क्योंकि भीषण गर्मी में काम करना बेहद कठिन हो गया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में मई महीने के दौरान दिन और रात दोनों का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वहीं बिजली कटौती और पानी की कमी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सरकार की लापरवाही के कारण आम जनता गर्मी में बेहाल है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित “हीट वेव एक्शन प्लान 2026” के तहत अस्पतालों, स्कूलों, बस स्टॉप और सार्वजनिक स्थानों पर कूलिंग पॉइंट, शीतल जल सुविधा, शेल्टर और श्रमिकों के लिए संशोधित कार्य समय जैसी सुविधाएं देने की बात कही गई थी, लेकिन इनमें से कोई भी योजना धरातल पर दिखाई नहीं दे रही।
उन्होंने कहा कि एम्स और सफदरजंग जैसे बड़े अस्पतालों के बाहर मरीज और उनके परिजन तेज गर्मी में बिना पर्याप्त छाया और राहत सुविधाओं के इलाज के इंतजार में खड़े रहने को मजबूर हैं।
देवेंद्र यादव ने दिल्लीवासियों से अपील की कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें और अत्यधिक जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें। उन्होंने कहा कि पानी की कमी और बिजली कटौती सरकार की बड़ी विफलता है, जिससे लोग दिनभर गर्मी और रातभर बिजली संकट झेलने को मजबूर हैं।

