
मनीष सूर्यवंशी (वीर सूर्या टाइम्स )
उत्तर-पूर्वी दिल्ली। भजनपुरा स्थित वजीराबाद रोड पर अंबिका पैलेस में रविवार को सूर्यवंशी चेतना पत्रिका के 28 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं रचनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अनेक समाजसेवी, शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी एवं पत्रकार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री जगदीश प्रसाद जी ने की, जबकि संचालन पत्रिका के संपादक श्री शिवचरण सूर्यवंशी जी ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वागत संबोधन से हुआ।
अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में श्री शिवचरण सूर्यवंशी जी ने कहा कि सूर्यवंशी चेतना पत्रिका पिछले 28 वर्षों से निरंतर समाजसेवा, शिक्षा और एकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा — अब समय आ गया है कि समाज के हित में दिल्ली या दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक छात्रावास की स्थापना की जाए, जिससे बाहर से आने वाले छात्र सुरक्षित और सहयोगी वातावरण में रहकर अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। यह कार्य समाज के सामूहिक सहयोग से ही संभव होगा।”
पत्रिका के आजीवन सदस्य एवं प्रमुख सहयोगी श्री जवाहर सिंह जी ने कहा कि शिवचरण सूर्यवंशी जी लंबे समय से निःस्वार्थ भाव से समाज के लिए कार्य कर रहे हैं, और आज समय है कि समाज एकजुट होकर उनके इस मिशन को साकार करे।
पत्रिका के पूर्व प्रधान श्री रामचंद्र तोमर जी ने कहा कि पत्रिका के समाजहित कार्य प्रशंसा के योग्य हैं।
एमसीडी शाहदरा ज़ोन के पूर्व चेयरमैन श्री ईश्वर सिंह बागड़ी जी ने बताया कि वे शिवचरण सूर्यवंशी जी को छात्र जीवन से जानते हैं और उनके समर्पण के गवाह हैं। उन्होंने छात्रावास निर्माण के लिए पूर्ण सहयोग देने का वचन दिया और समाज के अन्य लोगों से भी सहयोग की अपील की।
इस अवसर पर डॉ. सोमप्रकाश बागड़ी जी, राज बागड़ी जी, युगल किशोर जी, रामकिशन बडगुजर जी, राकेश चौहान जी, धर्मवीर सिंह जी, सूर्यवंशी कोऑपरेटिव सोसाइटी के संस्थापक मा. रमेश चंद्र सूर्यवंशी जी, श्रीमती शशि भारती जी, यशदेव चौहान जी, खेम चंद्र जी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री जगदीश प्रसाद जी ने उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों का आभार व्यक्त किया और समाज के उत्थान एवं संगठन की मजबूती के लिए निरंतर सहयोग देने का संकल्प लिया।
अंत में सूर्यवंशी चेतना पत्रिका के आजीवन सदस्यों एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन समाज के सर्वांगीण विकास एवं सामूहिक सहयोग के संकल्प के साथ हुआ।


