मनीष सूर्यवंशी (वीर सूर्या टाइम्स), नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर क्षेत्र स्थित प्रकाश विहार में मंगलवार शाम एक चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि समय रहते भवन को खाली करा लिए जाने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस के अनुसार, 3 जून 2026 को शाम करीब 6:38 बजे करावल नगर थाना पुलिस को प्रकाश विहार, गली नंबर-2 में एक मकान गिरने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं तथा राहत एवं सुरक्षा कार्य शुरू कर दिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उत्तर प्रदेश सीमा से सटे क्षेत्र में नाले के निर्माण एवं मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसी दौरान दोपहर करीब 3 बजे चार मंजिला मकान में दरारें दिखाई देने लगीं। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से भवन को तत्काल खाली करा लिया गया। कुछ समय बाद पूरी मकान भरभराकर गिर गई।
अधिकारियों के अनुसार, हादसे में किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) समेत अन्य एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
मकान के मालिक पुष्पेंद्र पुत्र राजवीर सिंह ने आरोप लगाया है कि लोनी नगर पालिका की ओर से कराए जा रहे नाले के निर्माण कार्य के दौरान करीब 7 से 8 फीट गहरी खुदाई की गई, जिससे पानी भवन की नींव और दीवारों तक पहुंच गया और संरचना कमजोर हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी मशीन की टक्कर भवन के एक पिलर से लगी थी, जिसके बाद मकान में दरारें पड़नी शुरू हो गई थीं।
मकान मालिक के अनुसार, दरारें दिखाई देने के बाद भवन में रह रहे तीन किराएदारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और सामान हटाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान इमारत ढह गई। उन्होंने बताया कि उनका तथा किराएदारों का काफी सामान अभी भी मलबे में दबा हुआ है।
स्थानीय निवासी सीतापति ने भी निर्माण कार्य में लगे जेसीबी चालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि चालक स्थानीय लोगों से पैसे मांग रहा था और पैसे न देने पर मकान गिराने की धमकी देता था। सीतापति ने कहा कि उन्होंने स्वयं दो हजार रुपये दिए थे। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी अधिकारी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
फिलहाल प्रभावित परिवार मुआवजे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। संबंधित एजेंसियां हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई हैं।

