खुर्जा डिवीजन की लापरवाही से उटासानी माइनर बार-बार कटी, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न

अंकित गर्ग( वीर सूर्या टाइम्स )
खुर्जा। खुर्जा डिवीजन के अंतर्गत आने वाली नहरों में पानी छोड़े जाने के बाद से नहर कटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताज़ा मामला उटासानी माइनर का है, जहां बार-बार नहर कटने से धारागढ़ी, पखखोदना सहित आसपास के गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबकर पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों का आरोप है कि यह नुकसान सिंचाई विभाग खुर्जा डिवीजन की गंभीर लापरवाही का परिणाम है।

किसानों के अनुसार, जिस दिन से नहर में पानी छोड़ा गया है, उसी दिन से नहर कटने का सिलसिला शुरू हो गया था। नहर के टूटने से खेतों में पानी भर गया, जिससे आलू और गेहूं जैसी तैयार फसलें सड़ गईं। किसानों का कहना है कि अब तक सैकड़ों बीघा कृषि भूमि इसकी चपेट में आ चुकी है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ग्रामीण किसानों ने बताया कि हैरानी की बात यह है कि इस माइनर की वर्ष में तीन बार सिल्ट सफाई कराई गई, इसके बावजूद प्रतिदिन कहीं न कहीं कटिंग हो रही है। इससे सफाई और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों का आरोप है कि नहर के किनारों (बॉर्डर) को मजबूत नहीं किया गया और मरम्मत केवल औपचारिकता बनकर रह गई, जिसके कारण पानी के दबाव में नहर बार-बार टूट रही है।

किसानों ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष मरोड़गढ़ी और मेवगढ़ी गांव में इस माइनर की दीवार बनवाकर नहर को पक्का किया गया था, लेकिन इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे। पक्के निर्माण के बाद भी नहर का बार-बार कटना विभागीय लापरवाही और घटिया कार्यप्रणाली को उजागर करता है।

प्रभावित किसानों में धारागढ़ी गांव के सतीश की आलू की फसल, राजू, मदनलाल, विजय शर्मा, नीले शर्मा, शीशपाल, भगवानगढ़ी, राजकुमार शर्मा, शंकर, हंसराज शर्मा सहित कई अन्य किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। किसानों का कहना है कि इस समस्या को लेकर जेई सरोज कुमार से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

विजय शर्मा ने बताया कि माइनर में की गई खानापूर्ति वाली सफाई के वीडियो बनाकर उच्च अधिकारियों को वायरल किए गए हैं, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

ग्रामीणों ने बताया कि बीते शनिवार को भी नहर कट गई थी। ग्राम प्रधान एवं भारतीय किसान यूनियन के नेता राजकुमार शर्मा ने कहा कि आगे की ओर उचित सिल्ट सफाई न होने के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है, जिससे बार-बार ओवरफ्लो की स्थिति बन रही है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो इस मामले की शिकायत माननीय मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सहित विभाग के उच्च अधिकारियों से की जाएगी।

किसानों ने स्पष्ट कहा है कि यदि शीघ्र सिल्ट सफाई कर नहर की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई और समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो नहर में पानी न चलाया जाए। लगातार कटिंग से भविष्य में और भी बड़े नुकसान की आशंका बनी हुई है।

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