मनीष सूर्यवंशी (वीर सूर्या टाइम्स )
नई दिल्ली दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कूड़े के ढ़ेर पर बैठी दिल्ली को साफ करने में भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार का विशेष स्वच्छता अभियान भी पिछड़ गया है और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए भाजपा ने राजधानी को कूड़ा मुक्त बनाने के अभियान को 2 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। जबकि 1 अगस्त को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्रीमंडल और सांसदों द्वारा शुरु किया गया सफाई अभियान का फुल शो पूरी तरह फोटो ऑप बनकर रह गया। कूड़ा मुक्त दिल्ली के अभियान को आगे बढ़ाने पर अपनी नाकामी को स्वयं स्वीकार लिया है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार और निगम में शासित भाजपा ने दिल्ली को कूड़ा मुक्त बनाने और लैंडफिलों खत्म करने संबधी बड़ी-बड़ी घोषणाएं की थी, लेकिन अब जैसे-जैसे समय बीत रहा है, भाजपा की भ्रमित करने वाले वादों की पोल खुलती जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम में सफाई कर्मचारियों के 62,000 पद स्वीकृत होने बाद निगम के पास पक्के, कच्चे, एवजीदार कर्मचारियों को मिलाकर लगभग 62,000 कर्मचारी मौजूदा कार्यरत होने के बावजूद भी गंदगी और बेतहाशा कूड़े के कारण दिल्ली की हालत बदतर हो चुकी है। जबकि दिल्ली सरकार, पीडब्लूडी, डीडीए के अंतर्गत भी हजारों सफाई कर्मचारी कार्यरत है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि निगम में भारी भ्रष्टाचार और अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण दिल्ली को कूड़े और गंदगी से कोई राहत नही मिल रही है, जबकि हर महीने करोड़ों रुपये खर्च हो रहे है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों, पुनर्वास कालोनियों, जे.जे. कलस्टरों और गांव देहात में सफाई का बहुत बुरा हाल है, जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते है, कालोनियों के बाहर मुख्य सड़कों पर कूड़े के अंबार लगे है। कॉलोनियों, बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक शौचालयों और सार्वजनिक स्थलों सफाई के कोई इंतजाम नही है। दिल्ली सरकार और निगम सफाई करने के साथ-साथ कूड़ा उठाने में भी पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। निगम जिसकी जिम्मेदारी शहर को साफ करके स्वच्छ रखने की है, उसमें शासित भाजपा उसमें पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है।
वही देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली में तीनों लैंडफिलों भलस्वा, गाजीपुर और ओखला के निस्तारण के लिए भाजपा की नई घोषणा दिसम्बर, 2026 तक इनको पूरी तरह हटा देंगे, सिर्फ घोषणा बनकर रहने वाली है क्योंकि 15 वर्ष निगम में रहते हुए भी भाजपा ने कूड़े के पहाड़ों के निस्तारण के लिए कुछ करने की बजाय सिर्फ भ्रष्टाचार को अंजाम दिया था। उन्हांने कहा कि जब नरेला, गाजीपुर, औखला और तेहखंड में अपशिष्टों से उर्जा बनाने के संयत्र शुरु नही किए है तब कैसे संभव है लैंडफिल को हटाने का लक्ष्य समय पर पूरा होगा। यह सब राजनीतिक षडयंत्र है कि कुछ न करके सिर्फ घोषणा करके मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जनता में काम करने संदेश फैला रही है, जबकि काम नही हो रहा है।

