
मथुरा। (योगेश माथुर, वीर सूर्या टाइम्स) विश्व प्रसिद्ध पवित्र ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु आस्था के साथ शामिल हो रहे हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने उनकी यात्रा को कठिन बना दिया है। मथुरा जनपद के गांव मानागढ़ी में परिक्रमा मार्ग पर जलभराव, कीचड़ और अव्यवस्थित बिजली व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार वर्षा के चलते गांव की नालियां चोक हो गई हैं, जिससे बरसाती पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। परिक्रमा मार्ग पर कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है और श्रद्धालुओं को पानी व कीचड़ के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है। बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे सबसे अधिक प्रभावित दिखाई दे रहे हैं। वहीं रात के समय अंधेरा और जलभराव दुर्घटनाओं की आशंका को बढ़ा रहा है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष चौधरी ने प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग करते हुए कहा कि ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, इसलिए प्रशासन को उनकी सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने चोक पड़ी नालियों की सफाई, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और बिजली आपूर्ति को जल्द सुचारु करने की मांग की।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता मनवीर सिंह सूर्यवंशी ने बताया कि क्षेत्र की सड़क का निर्माण काफी समय पहले किया गया था, लेकिन बरसाती पानी की निकासी के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने कहा कि छोटी नालियां बंद पड़ी हैं और थोड़ी सी बारिश होते ही सड़क पर जलभराव हो जाता है। यदि समय रहते पानी निकासी का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो सड़क क्षतिग्रस्त होना शुरू हो जाएगी, जिससे आने वाले समय में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं और वर्तमान में 84 कोस परिक्रमा के चलते श्रद्धालुओं की संख्या भी अधिक है। ऐसे में जलभराव और खराब सड़क व्यवस्था से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
मनवीर सिंह सूर्यवंशी ने क्षेत्रीय विधायक एवं संबंधित विभागों से मांग करते हुए कहा कि लगभग दो किलोमीटर के दायरे में पक्के नालों का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसाती पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके और वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान निकल सके।
स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन से अपील की है कि परिक्रमा मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाए जाएं, जिससे आस्था की इस पवित्र यात्रा में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।

