मनीष सूर्यवंशी (वीर सूर्या टाइम्स )
नई दिल्ली। प्रख्यात संगीतकार ए. आर. रहमान द्वारा हाल ही में दिए गए एक बयान को लेकर यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट में गहरा रोष और आक्रोश देखने को मिल रहा है। संगठन का कहना है कि यह बयान न केवल करोड़ों सनातनियों की भावनाओं को आहत करने वाला है, बल्कि देश की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता को भी प्रभावित करता है।
यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री जय भगवान गोयल ने इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ए. आर. रहमान जैसे प्रतिष्ठित कलाकार से समाज को जोड़ने, सौहार्द बढ़ाने और राष्ट्रहित में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान समाज में भ्रम और वैमनस्य पैदा कर सकते हैं, जो किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हैं।
श्री गोयल ने कहा कि कला और संगीत से जुड़े व्यक्तियों को अपनी लोकप्रियता और प्रभाव का उपयोग समाज को तोड़ने के बजाय जोड़ने के लिए करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की सनातन संस्कृति सहिष्णु, उदार और सर्वसमावेशी रही है तथा सनातन धर्म पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी अस्वीकार्य है।
यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट ने ए. आर. रहमान से अपेक्षा जताई है कि वे अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दें और यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो बिना विलंब खेद प्रकट करें।
संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में सनातन संस्कृति या हिन्दू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान दिए गए, तो यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट देशभर में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होगा।
अंत में श्री गोयल ने सभी बुद्धिजीवियों, कलाकारों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों से अपील की कि वे अपने वक्तव्यों में संयम बरतें और राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा सामाजिक सौहार्द को सर्वोपरि रखें।

