
मनीष सूर्यवंशी (वीर सूर्या टाइम्स)
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली स्थित अंबेडकर इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में अखिल भारतीय खटीक समाज द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से आए हजारों समाजबंधुओं ने भाग लिया। सम्मेलन में सामाजिक एकता, शिक्षा, राजनीतिक भागीदारी और समाज के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रहे, जबकि केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश खटीक, राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल फिरोजिया सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि खटीक समाज का इतिहास वीरता, संघर्ष और स्वाभिमान से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस समाज ने सदैव अन्याय और अत्याचार का डटकर सामना किया है और कभी भी विपरीत परिस्थितियों के आगे घुटने नहीं टेके। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता ही किसी भी समाज की वास्तविक ताकत होती है। यदि युवा वर्ग शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बना ले तो समाज नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

रामनाथ कोविंद ने कहा कि खटीक समाज ने देश के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अब आवश्यकता इस बात की है कि समाज राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक संगठित होकर अपने अधिकारों और विकास के लिए सामूहिक रूप से आगे बढ़े।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का सम्मान किया तथा संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं संत श्री दुर्बल नाथ महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सामाजिक एकता और आर्थिक आत्मनिर्भरता समाज के विकास की मजबूत नींव हैं। समाज को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने खटीक समाज को पूरे देश में समान रूप से अनुसूचित जाति का दर्जा प्रदान करने की मांग उठाई। वक्ताओं का कहना था कि अलग-अलग राज्यों में समाज की स्थिति और वर्गीकरण में भिन्नता होने के कारण समाज के अनेक लोगों को संवैधानिक लाभों से वंचित रहना पड़ता है।

इस पर केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक ने कहा कि केंद्र सरकार समाज की भावनाओं और मांगों से पूरी तरह अवगत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संविधान और कानून के अनुरूप आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए समाज के हित में सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में समाज की लंबे समय से चली आ रही मांगों के समाधान की दिशा में सार्थक प्रगति देखने को मिलेगी। उनके इस आश्वासन का उपस्थित समाजबंधुओं ने जोरदार स्वागत किया।
अखिल भारतीय खटीक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल फिरोजिया ने कहा कि संगठन देशभर में समाज को एक सूत्र में पिरोने और युवाओं को नेतृत्व से जोड़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों से मतभेद भुलाकर समाजहित में एक मंच पर आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एकजुट समाज ही अपने अधिकारों और विकास की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ा सकता है।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दिनेश खटीक ने युवाओं से सरकारी नौकरियों के साथ-साथ उद्यमिता और स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक आत्मनिर्भरता और शिक्षा ही समाज को सशक्त और सम्मानजनक पहचान दिला सकती है।
कार्यक्रम का संचालन संगठन के महासचिव सी.पी. महिंद्रा ने किया। सम्मेलन के दौरान महिला सशक्तिकरण, युवाओं की भागीदारी, सामाजिक न्याय, शिक्षा और संगठनात्मक मजबूती जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। अंत में हजारों समाजबंधुओं ने समाज के उत्थान, संगठन की मजबूती और भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हेमंत चलनी वाले, संगठन राष्ट्रीय महासचिव राम सिंह चेतीवाल , सुरेंद्र मोगा राज्य मंत्री उत्तराखंड सरकार , हरजेश ,नमिता राव, छत्रपाल सिंह सूर्यवंशी , बिजेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह , मा. रमेश कुमार ,दीप्ति तितोरिया राज सिंह बागड़ी के अलावा हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे

