मथुरा। जनपद मथुरा में सिंचाई विभाग खुर्जा डिवीजन की लापरवाही लगातार किसानों की मेहनत पर भारी पड़ रही है। जेवर रजवाहा व उससे जुड़ी माइनरों की समय पर सफाई न होने से नहरें ओवरफ्लो हो रही हैं, जिससे किसानों की खड़ी फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो रही हैं। किसानों का कहना है कि यह सब कुछ किसानों की सरकार में अधिकारियों की मनमानी का नतीजा है।
बुधवार की रात कोलाना माइनर की साफ-सफाई न होने के कारण कटेलिया गांव के पास कई स्थानों पर माइनर कट गई। कड़ाके की ठंड में किसान पूरी रात खेतों में डटे रहे और किसी तरह पानी रोककर अपनी फसलें बचाने का प्रयास किया। किसानों द्वारा सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर सरोज कुमार से संपर्क करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे किसानों में भारी आक्रोश फैल गया।
इसके बाद किसानों ने रात्रि में ही सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों से फोन पर शिकायत की, लेकिन कोई त्वरित कार्रवाई नहीं हुई। किसानों की उच्च अधिकारियों से मांग है कि लापरवाह je सरोज कुमार को यहां से स्थानांतरित किया जाए।किसान अमित कुमार, हरिओम सिंह, मनोज कुमार, लक्ष्मण चौधरी, हाकिम सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि विभागीय लापरवाही के कारण आलू, सरसों और गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। मजबूरी में किसानों को आपस में चंदा इकट्ठा कर माइनर को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
बृहस्पतिवार को जरेलिया गांव के पास फिर से कोलाना माइनर कट गई, जिससे किसान साहब सिंह के खेत में पानी भर गया और पूरी फसल नष्ट हो गई। किसान का कहना है कि पहले भी इसी स्थान पर माइनर कट चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान न होने से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।
इसी दिन सुबह मिठौली गांव के पास जेवर रजवाहा भी ओवरफ्लो होकर खेतों में कट गया, जिससे कई किसानों की फसल प्रभावित हुई। किसान गजेंद्र सिंह, सतीश, सचिन सहित अन्य किसानों ने बताया कि पूरी रात खेतों में जागकर पानी रोकना पड़ रहा है, जिससे खेती करना महंगा और जोखिम भरा होता जा रहा है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र नहरों की सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई तो वे सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों से भी इसकी शिकायत करेंगे। साथ ही किसानों ने खराब हुई फसलों का मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

