
मनीष सूर्यवंशी (वीर सूर्या टाइम्स )
नई दिल्ली मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पूर्वी करावल नगर में दिल्ली सरकार द्वारा अनेकों गलियों का निर्माण कराया जा रहा है, अगर बात करें अंबिका विहार, सी-ब्लॉक, गली नंबर 2 व 3 में नाली निर्माण कार्य को लेकर गंभीर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप सामने आए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाली निर्माण में सरकारी मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। निर्माण में पीली ईंट, कमजोर मसाला और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, वहीं नालियों में पानी की निकासी के लिए आवश्यक ढलान भी मानक के अनुसार नहीं दिया गया। इससे क्षेत्र में भविष्य में जलभराव और गंदगी फैलने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, करीब तीन महीने पहले नाली निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इस दौरान नालियों से बड़ी मात्रा में कीचड़ निकाली गई, जिसे हर घर के सामने ढेर के रूप में छोड़ दिया गया। कुछ लोगों ने इसे हटाने का प्रयास किया, लेकिन आज तक कीचड़ और कचरा नहीं उठाया गया। आरोप है कि अब लगभग तीन महीने बाद सड़क निर्माण के नाम पर वही कीचड़ और कचरा गलियों में फैला दिया गया है।
स्थिति यह है कि कचरे के ऊपर ही सड़क बनाने की तैयारी की जा रही है, जिसका गलीवासियों ने कड़ा विरोध किया है। लोगों का कहना है कि कचरे पर सड़क बनने से कुछ ही समय में सड़क धंस सकती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे लोगों में भारी रोष है। क्षेत्रवासियों ने माननीय मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। जनता की मांग है कि नाली निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी जेई व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

