
मनीष सूर्यवंशी -वीर सूर्या टाइम्स
दिल्ली सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर राजधानी की महिलाओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। योजना को महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। दिल्ली के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने और आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए महिलाओं की सक्रियता बढ़ रही है।
राजधानी के कई क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा योजना के आवेदन, आवश्यक दस्तावेजों और अनुमोदन प्रक्रिया को लेकर जानकारी ली जा रही है। स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और उनके कार्यालयों की ओर से भी महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया समझाने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
घोंडा विधानसभा स्थित विधायक सेवा सदन में अब तक 50 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है। विधायक कार्यालय के अनुसार, लगातार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं आवेदन प्रक्रिया के लिए पहुंच रही हैं। आवेदनों के अनुमोदन और हस्ताक्षरित आवेदन पत्रों के वितरण की प्रक्रिया लगातार जारी है।
घोंडा के विधायक अजय महावर स्वयं विधायक सेवा सदन में उपस्थित रहकर महिलाओं से संवाद कर रहे हैं तथा आवेदन प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। महिलाओं की सुविधा के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं और आवेदिकाओं के नाम के प्रथम अक्षर के आधार पर आवेदन पत्रों को व्यवस्थित किया गया है।
योजना को लेकर महिलाओं में यह उम्मीद भी दिखाई दे रही है कि इससे उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनने में सहायता मिलेगी। महिलाओं का कहना है कि आर्थिक सहायता मिलने से वे परिवार की जरूरतों में योगदान देने के साथ-साथ अपनी आवश्यकताओं को भी बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगी।
वही विधायक अजय महावर ने कहा, “जब नारी सशक्त और आत्मनिर्भर होगी, तब उसका परिवार मजबूत होगा। मजबूत परिवार ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला बनते हैं। महिलाओं को सम्मान, आत्मविश्वास और आर्थिक संबल देना समाज के विकास के लिए आवश्यक है।”
दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर राजधानी में बढ़ती महिलाओं की भागीदारी से स्पष्ट है कि आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को लेकर महिलाओं में जागरूकता लगातार बढ़ रही है। अब योजना के क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक इसका लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया पर लोगों की नजर बनी हुई है।

