स्वतंत्रता दिवस पर CRPF का संकल्प: शहीदों के बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे

मनीष सूर्यवंशी (वीर सूर्या टाइम्स ) उत्तर-पूर्वी दिल्ली। वजीराबाद स्थित RAF 103 बटालियन में स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रीय पर्व देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के अधिकारियों एवं जवानों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

कार्यक्रम में बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने ध्वजारोहण किया तथा राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। तिरंगा फहराते ही पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से गूंज उठा। जवानों ने पूरे अनुशासन और सम्मान के साथ राष्ट्रध्वज को सलामी दी।

जवानों को संबोधित करते हुए संजीव कुमार सिंह ने कहा कि 15 अगस्त केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का दिन है, जिनके संघर्ष के कारण देश ने गुलामी की जंजीरों को तोड़कर आजादी की खुली हवा में सांस ली।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमें केवल अधिकारों के रूप में विरासत में नहीं मिली है। इसके पीछे असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग, संघर्ष और बलिदान छिपा है। वर्ष 1857 से 1947 तक चले स्वतंत्रता संग्राम में सेना, क्रांतिकारियों और आम नागरिकों ने मिलकर देश की आजादी के लिए संघर्ष किया।

उन्होंने कहा, “आज हम 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं, लेकिन यह केवल एक परंपरा नहीं होनी चाहिए। यह दिन हमें बार-बार याद दिलाता है कि आजादी का अर्थ केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है।”

उन्होंने जवानों से आत्ममंथन का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह विचार करना चाहिए कि वह देश की स्वतंत्रता, एकता और अखंडता की रक्षा में अपनी जिम्मेदारी कितनी निष्ठा से निभा रहा है।

कार्यक्रम में CRPF की राष्ट्रसेवा में महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया गया। कहा गया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने आंतरिक सुरक्षा, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान, आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई, चुनावी सुरक्षा व्यवस्था और आपदा राहत सहित विभिन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में साहस और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए CRPF के जवान हर परिस्थिति में तत्पर रहते हैं और देश की एकता एवं अखंडता की रक्षा करना उनके लिए सर्वोच्च कर्तव्य है।

इस अवसर पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा गया कि देश की रक्षा और स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन न्योछावर करने वाले शहीद राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देशप्रेम और राष्ट्रसेवा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।

कार्यक्रम के अंत में जवानों ने ईमानदारी, साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्रसेवा करने का संकल्प लिया। साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के बलिदान को कभी व्यर्थ न जाने देने तथा देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का प्रण लिया।

स्वतंत्रता दिवस समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि तिरंगा केवल देश की आन-बान-शान का प्रतीक नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रीय एकता की पहचान है।

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